LAC: चीनी की हर चाल पर नजर रखेगी सतर्क भारतीय सेना
नई दिल्ली
ईस्टर्न लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर भारत-चीन सेना के बीच डिसइंगेजमेंट में इस बार तमाम एहतियात बरते जा रहे हैं। गलवान में हुई हिंसक झड़प से सबक लेकर इस बार डिसइंगेजमेंट के हर कदम के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को ज्यादा मजबूत बनाया गया है। इंडियन आर्मी के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक विश्वास की कमी अभी बनी हुई हैं लेकिन इस बार चीन की तरफ से गंभीरता दिख रही है।
ताकि ना हो कंफ्यूजन
एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक वेरिफिकेशन के लिए फोटो खींचने के साथ ही विडियो भी बनाया जा रहा है। हर कदम पर दोनों देशों के अधिकारी साथ मौजूद रहकर वेरिफिकेशन कर रहे हैं ताकि कोई कंफ्यूजन ना हो। उन्होंने कहा कि गलवान में जब हिंसक झड़प हुई तब भारतीय सैनिक वेरिफिकेशन के लिए ही गए थे कि चीन ने वहां से अपना टैंट हटाया या नहीं। जबकि बाद में चीन ने कहा कि वे अगले दिन टैंट हटाने वाले थे। उन्होंने बताया कि इस बार इसलिए कंफ्यूजन की किसी भी गुंजाइश से बचा जा रहा है।
अपने एडमिनिस्ट्रेटिव बेस लौट रहे हैं टैंक
पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे में 4-5 जगहों पर भारत और चीन के टैंक 40-50 मीटर की दूरी पर थे। यह डर हमेशा रहता था कि रात में कहीं कोई झड़प ना हो जाए। अब डिसइंगेजमेंट में ये टैंक पीछे हटे हैं और अपने एडमिनिस्ट्रेटिव बेस लौट रहे हैं। इसका मतलब है कि ये फायरिंग के लिए अब तैनात नहीं हैं। हर दिन भारत चीन के बीच बटालियन कमांडर स्तर की मीटिंग भी हो रही है।
दक्षिण किनारे और फिंगर एरिया की स्थिति अलग
इंडियन आर्मी अधिकारी ने कहा कि पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे और फिंगर एरिया की स्थिति अलग है। फिंगर एरिया में चीनी सैनिक हमारी उस जगह पर आकर बैठ गए थे जो भारतीय परसेप्शन के हिसाब से भारत का इलाका है। यहां बातचीत चीनी सैनिकों को उस जगह से पीछे भेजने पर हुई, जो अब हो रहा है। दक्षिण किनारे में भारतीय सैनिक अपने इलाके में ही हैं और चीनी सैनिक अपने इलाके में। लेकिन ऊंचाई पर भारतीय सैनिकों की तैनाती से चीन और भारत के सैनिक एकदम आमने सामने हो गए और यहां डिसइंगेजमेंट तनाव कम करने के लिए हो रहा है।

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